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Showing posts from June, 2020

Bad Mother

Bad mother She yells, she screams, she has job no other, Look she is a bad mother.... She cleans up the mess ten times a day Mopping and sweeping the floor all the way Once a while, she looses her cool Calls her child, oh! You fool There and then, they pass a judgment Learn to stay calm make some adjustment The moments of your patience, no one would bother They'd all just repeat look, she is a bad mother No matter, whatever you sacrifice, You're a mother you have to pay a price, You will always be tagged, For the things that are lagged, They don't see you cry, They just keep asking why? When would they know you're just tired and not a loather When will they stop saying Look, she is a bad mother! 

The Other Side

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एक मशहूर कलाकार ने , एक गरम दोपहर अपने कमरे मै फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही उसकी आत्मा उसके शरीर से आज़ाद हुई, वह अपने बेजान पड़े मृत शरीर को दो टुक देखता रहा ।  उसे यकीन नहीं हुआ की वो ऐसा कर पाया । उसे अपने दर्द से मुक्ति मिल चुकी थी।  उसे एक अलग सी आज़ादी का अनुभव हुआ।  लाज़मी है की , सांसारिक दुखो से मुक्ति तो सुख का ही अनुभव देगी।  उसे लगा की अब वो सुखी है।  उसका ह्रदय शांत है। वो अपने कमरे में अपनी पसंदीदा चीज़ो को देखता और एक आखरी बार उन्हें छूने की कोशिश करता , पर अफ़सोस की कुछ छू ना पाता।  शरीर त्याग देने के बाद उसकी आत्मा को ये परमिशन नहीं थी की वो संसार से किसी भी तरह से कांटेक्ट कर पाए।   वो सब देख और सुन पा रहा था, पर उसका रिएक्शन कोई देख सुन नहीं सकता  था।  थोड़ी ही देर मै उसके घर में लोग जमा होगये।  देश भर में खलबली मच गई ये सुनकर, की इतने होनहार कलकार , इतने विद्वान व्यक्ति , समृद्धि व्यक्ति ने आखिर आत्महत्या क्यों की ? वो सबको अपने दिल का दर्द बताना चाहता था , लेकिन शायद अब बहुत देर हो चली थी।    वो अभी व...

गिरा सकते हो मुझे कितना

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गिरा सकते हो मुझे कितना,  मै फिर उठ खडा हो जाऊंगा।  बीज हु मै, धरती को चीर ,  फिर फूल सा मुस्कुराउंगा।  मेरे होसलो को तुम कहा झुका पाओगे,  मै बाज़ हु मुझे कैसे कैद कर पाओगे ।  तोड़ सको जितना, उतनी बार तोड़ लेना,  मैं मकड़ी सा जाला फिर से बनाऊंगा।  गिरा सकते हो मुझे कितना,  मैं फिर उठ खड़ा हो जाऊंगा।  मैं नदी सा चंचल हु,  पहाड़ तोड़ रास्ता बनाऊंगा।  तुम चाहे घने बादल से गरजना मै इंद्धनुष् बन आसमान पर छाउँगा।  हिम्मत को टुटने नही दूंगा,  तुम्हारे तीरो से मैं अपना छत्र बनाऊंगा।  गिरा सकते हो मुझे कितना,  मैं फिर उठ खडा हो जाऊंगा।  मैं  सुवर्ण कुंदन हु,  भट्टि मे निरंतर चमकता जाऊंगा।  बंद अगर हु पिंजरे मे तो क्या हुआ,  इस लोह तार को इक दिन तोड़ जाऊंगा।  मैं कृष्ण हु, जकड़ लो बेड़ियों मे मुझे,  मैं फिर भी तुम्हारे कैद से निकल जाऊंगा।  गिरा सकते हो मुझे कितना मै फिर उठ खड़ा हो जाऊंगा।