Posts

Showing posts from May, 2020

बिना किसी मंजिल.....

Image
बिना किसी मंज़िल,  खाली रास्तों पर चल कर तो देखो कुदरत ने किस्मत के डब्बे मे क्या छिपा रखा है  कभी ज़रा खोल कर तो देखो।  भीड़ लगी जिन रास्तो पर,  दौड़ जहा सारे लगा रहे उन रास्तो से  कभी यू टर्न लेकर तो देखो।  मीलों बिछी उन सड़कों की कहानी कभी सुनो,  उन पर बिखरे अनुभव के मोती तो चुनो।  कहेंगी तुमसे ये हजारो दास्ताने, ध्यान लगाकर, कभी ज़रा सुनकर तो देखो,  बिना किसी मंज़िल,  खाली रास्तों पर चल कर तो देखो । मंजिल को पाने के जुनून मे,  जो भूल जाते हो सफर का लुत्फ उठाना!  कभी इस बस्ते को एक तरफ रख, सड़क किनारे बैठ कर तो देखो।  दर्शक बन, वहां से  कभी गुज़रते मुसाफिरों की टोली भी देखो।  उनकी विविधता मैं,  उनके लक्ष्य की एकता को देखों।  बिना किसी मंज़िल खाली रास्तों पर चल कर तो देखो । क्या कभी लहराते पेड़ों की,  मदमस्त चाल देख पाये हो? वो चिड़िया क्या धुन गुनगुनाती है, क्या कभी समझ पाये हो?  अपनी उलझनों का पिटारा छोड़कर,  प्रकृति के इस चमत्कार को तो देखो।  बिना किसी मंज़िल  खाली रास्तों ...